
भूकंप (सांकेतिक तस्वीर)
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, मंगलवार दोपहर को म्यांमार में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया, उसके बाद शाम को 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया. एनसीएस के अनुसार, रिक्टर स्केल पर पहले भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई.
इस बीच, 28 मार्च को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के तीन दिन से अधिक समय बाद भी बचाव अभियान जारी है, जिससे व्यापक विनाश हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक में इमारतें ढह गईं और पड़ोसी चीनी प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
EQ of M: 4.7, On: 01/04/2025 16:31:49 IST, Lat: 21.94 N, Long: 95.97 E, Depth: 18 Km, Location: Myanmar.
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2700 से अधिक लोगों की मौत
म्यांमार में अब तक 2700 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. रिपोर्ट ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि भूकंप के कारण बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है. भूकंप का केंद्र म्यांमार के मध्य सागाइंग क्षेत्र में दर्ज किया गया, जो पूर्व शाही राजधानी मांडले के पास है.
भारत ने भूकंप से प्रभावित म्यांमार की सहायता के लिए शनिवार को ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया. भारत ने 28 मार्च को म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद खोज और बचाव (SAR), मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया.
An earthquake with a magnitude of 4.5 on the Richter Scale hit Myanmar at 8.57 pm (IST) on April 1: National Center for Seismology pic.twitter.com/1BI5GSut2G
— ANI (@ANI) April 1, 2025
भारत सरकार ने की मदद
पड़ोस में संकट के समय सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला, ऑपरेशन ब्रह्मा म्यांमार में व्यापक विनाश का जवाब देने के लिए भारत सरकार का एक प्रयास है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अब तक छह विमानों और पांच भारतीय नौसेना के जहाजों ने 625 मीट्रिक टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री पहुंचाई है.
भारत म्यांमार के साथ खड़ा
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जमीनी स्तर की जरूरतों और आवश्यकताओं के आधार पर म्यांमार को और अधिक सामग्री सहायता और संसाधन तैनात करने के लिए तैयार है. ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत के चल रहे प्रयास पड़ोस में प्राकृतिक आपदाओं के लिए तेजी से और पूरी तरह से प्रतिक्रिया देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पहले प्रतिक्रिया देने वाले के रूप में भारत म्यांमार के साथ खड़ा है, जो हमारे पड़ोसी पहले और एक्ट ईस्ट नीति का एक प्रमुख भागीदार है.
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