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‘साइकॉलोजिस्ट की जरूरत पड़ेगी’… रविचंद्रन अश्विन को IPL 2025 के बीच सताने लगा ये डर

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Mar 27, 2025    150818 views     Online Now 124
'साइकॉलोजिस्ट की जरूरत पड़ेगी'... रविचंद्रन अश्विन को IPL 2025 के बीच सताने लगा ये डर

अश्विन ने आईपीएल में गेंदबाजों के हाल पर चिंता जताई है.Image Credit source: PTI

टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन जब भी क्रिकेट से जुड़ी कोई बात करते हैं, तो वो चर्चा का विषय बन जाती है. अपनी बेहतरी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को छकाने वाले अश्विन क्रिकेट से जुड़े कई ऐसे पहलुओं का जिक्र करते हैं, जो सबका ध्यान खींचते हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो चुके अश्विन इस वक्त आईपीएल 2025 में व्यस्त हैं. टूर्नामेंट को शुरू हुए एक हफ्ता भी नहीं हुआ है और अश्विन ने कुछ ऐसा बोला है, जिसने सबको चौंका दिया है. दिग्गज गेंदबाज ने कहा है कि जिस तरह से आईपीएल में बल्लेबाजी हो रही है, उसे देखते हुए जल्द ही हर गेंदबाज को अपने साथ एक पर्सनल मनोवैज्ञानिक की जरूरत पड़ जाएगी.

टी20 क्रिकेट में लगातार बल्लेबाजों विस्फोटक अंदाज को अपनाते जा रहे हैं. कई तरह के नियम भी टी20 लीग और इंटरनेशनल क्रिकेट में आए हैं, जो बल्लेबाजों के लिए मददगार साबित हुए हैं. खास तौर पर आईपीएल में पिछले सीजन के बाद से तो बड़े-बड़े स्कोर की बौछार हो गई है. सनराइजर्स हैदराबाद ने जहां पिछले सीजन में ही 277 और 287 रन जैसे स्कोर खड़े कर सबको हैरान कर दिया था. वहीं इस सीजन के दूसरे ही मैच में इस टीम ने फिर से 286 रन बनाकर इरादे जाहिर कर दिए. लगातार यही बात हो रही है कि कौन सी टीम सबसे पहले 300 रन का आंकड़ा छुएगी.

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इन सबको देखते हुए ही गेंदबाजों की मदद की मांग भी होने लगी है. वहीं अश्विन ने तो इसे गेंदबाजों की दिमागी सेहत के लिए ही खतरनाक बता दिया है. अपने यूट्यूब चैनल पर एक चर्चा के दौरान दिग्गज भारतीय स्पिनर ने इसका जिक्र भी किया. अश्विन ने डिफेंसिव गेंदबाजी पर उठे सवाल के जवाब में कहा, “मैं इस बारे में बोलना चाहता हूं. मुझे लगता है कि जल्द ही गेंदबाजों को पर्सनल मनोवैज्ञानिक (साइकॉलोजिस्ट) की जरूरत पड़ेगी. मुझे सच में ऐसा लगता है. लोग कह रहे हैं कि गेंदबाज डिफेंसिव हो गए हैं. इस तर्क को मान लेते हैं लेकिन कुछ मौकों पर बॉलिंग एकदम असंभव हो गई है.”

अश्विन इस तरह की बात करने वाले पहले गेंदबाज नहीं हैं. इसी टूर्नामेंट के बीच साउथ अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने भी गेंदबाजों के पक्ष में स्थितियां बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ बड़े-बड़े स्कोर ही बनते रहेंगे तो क्रिकेट बोरिंग हो जाएगा और इस खेल को क्रिकेट बोलने के बजाए ‘बैटिंग’ बोलना ही बेहतर रहेगा. इस सीजन की बात करें तो शुरुआती 5-6 मैच में ही ऐसा होता दिखा है. अभी तक खेले गए 6 मुकाबलों में 6 बार 200 से ज्यादा के स्कोर बने हैं. खास बात ये है कि ये 6 स्कोर भी सिर्फ 3 मैच में आए हैं यानि मैच की दोनों पारियों में 200 का आंकड़ा पार हुआ है. सिर्फ इतना ही नहीं, 74 मैच वाले सीजन में सिर्फ छठे मैच तक ही 133 छक्के और 205 चौके लग चुके हैं, जो बताता है कि गेंदबाजी बेहद मुश्किल हो गई है.

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