• Thu. Apr 3rd, 2025

नक्सलियों के शांति वार्ता के पत्र पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले – सरकार बातचीत करने तैयार पर शर्तें नहीं मानी जाएगी…

ByCreator

Apr 2, 2025    150829 views     Online Now 248

रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए पत्र जारी किया है. इस पर गृहमंत्री एवं डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, नक्सली समिति बनाकर भेजें, सरकार नक्सलियों से बातचीत करने तैयार है. हम जरूर बातचीत करेंगे पर कोई भी शर्तें नहीं मानी जाएगी. सरकार चाहती है कि वे भी व्यवस्थित जीवन जीएं.

बता दें कि माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.

पत्र में लिखी गई ये बातें :

  1. संघर्ष विराम और शांति वार्ता के लिए अपील

• सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति ने मध्य भारत में युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की है.
• वे शांति वार्ता को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत सरकार और भाकपा (माओवादी) दोनों से बिना शर्त संघर्ष विराम की मांग करते हैं.

  1. सरकार का माओवाद विरोधी आक्रामक (‘कागर’ ऑपरेशन)

• भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर ‘कागर’ शुरू किया – माओवादी प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित करने वाला एक गहन उग्रवाद विरोधी अभियान.
• ऑपरेशन के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर हिंसा, हत्याएं और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं.

  1. हताहत और मानवाधिकारों का उल्लंघन

• 400 से अधिक माओवादी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आदिवासी नागरिकों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है.
• महिला माओवादियों को कथित तौर पर सामूहिक यौन हिंसा और फांसी के अधीन किया गया है.
• कई नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है और अवैध हिरासत और यातना के अधीन किया गया है.

  1. शांति वार्ता के लिए माओवादी शर्तें
See also  MP में नहीं थम रहा नशे का कारोबार: नशीले इंजेक्शन के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, 140 नग इंजेक्शन समेत भारी मात्रा में सिरिंज बरामद

• प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों से सुरक्षा बलों की तत्काल वापसी.
• नए सैनिकों की तैनाती के लिए अंत.
• उग्रवाद विरोधी अभियानों का निलंबन.

  1. सरकार के ख़िलाफ़ आरोप

• सरकार पर क्रांतिकारी आंदोलनों को दबाने के लिए आदिवासी समुदायों के ख़िलाफ़ “नरसंहार युद्ध” छेड़ने का आरोप है.
• नागरिक क्षेत्रों में सैन्य बलों का उपयोग असंवैधानिक होने का दावा किया जाता है.

  1. सीपीआई (माओवादी) सार्वजनिक समर्थन के लिए कॉल

• माओवादी बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों, छात्रों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं से शांति वार्ता के लिए सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह करते हैं.
• बातचीत के लिए गति बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियानों का अनुरोध किया जाता है.

  1. शांति वार्ता के लिए माओवादी तत्परता

• यदि सरकार उनकी पूर्वापेक्षाओं से सहमत होती है तो वे बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करते हैं.
• सीपीआई (माओवादी) का कहना है कि जैसे ही सरकार सैन्य अभियान बंद कर देगी, वे युद्धविराम की घोषणा करेंगे.

[ Achchhikhar.in Join Whatsapp Channal –
https://www.whatsapp.com/channel/0029VaB80fC8Pgs8CkpRmN3X

Join Telegram – https://t.me/smartrservices
Join Algo Trading – https://smart-algo.in/login
Join Stock Market Trading – https://onstock.in/login
Join Social marketing campaigns – https://www.startmarket.in/login

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
NEWS VIRAL