कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने साल 2009 से लंबित याचिका पर सुनवाई के दौरान सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गुना सीएमएचओ द्वारा रिकॉर्ड पेश न किए जाने पर अब हेल्थ डायरेक्टर से जवाब मांगा है।अगली सुनवाई 08 अप्रैल को होगी।
प्रमोशन से जुड़ा है मामला
दरअसल यह मामला स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड बीपी शर्मा का है। जिनके द्वारा 2009 में याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था की सेवा के दौरान उनसे जूनियर बीएन शर्मा को उनसे पहले प्रमोशन का लाभ दिया गया। इसी आधार पर उन्होंने भी प्रमोशन सहित अन्य सभी लाभ प्रदान करने की मांग याचिका के जरिये की है। हाईकोर्ट ने बीती सनुवाई के दौरान सीएमएचओ गुना से रिकॉर्ड मांगा था।
हाईकोर्ट ने हेल्थ डायरेक्टर से मांगा जवाब
एक बार फिर हुई सुनवाई के दौरान सीएमएचओ ने कोर्ट को बताया कि बीएन शर्मा रिटायरमेंट के समय सागर में पदस्थ थे, उनके प्रमोशन के संबंध में आदेश भोपाल स्थित स्वास्थ्य विभाग के निदेशालय से जारी किया गया था। वे भोपाल में रिकॉर्ड की जानकारी के लिए गए थे, लेकिन जानकारी नहीं मिल सकी। इसके साथ ही सागर से भी रिकॉर्ड की जानकारी नहीं मिल सकी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सीएमएचओ के कृत्य से ऐसा प्रतीत होता है कि वह रिकॉर्ड का पता नहीं लगा पाएंगे। ऐसे में डायरेक्टर हेल्थ मल्लिका निगम नागर इस मामले में जवाब पेश करें।अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जवाब पेश नहीं होने की स्थिति में डायरेक्टर की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश भी दिया जा सकता है।
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