पंजाब के कपूरथला से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री राणा गुरजीत ने पार्टी लाइन से अलग हटकर ऐलान कर दिया है कि वो पंजाब के मालवा क्षेत्र में किसान जो मक्के की फसल लगाते हैं उसको अगले 2 साल तक MSP पर खरीदेंगे. साथ ही उन्होंने ये भी कह दिया कि वो विधायक होने के साथ ही उद्योगपति भी हैं और उनके उद्योग में मक्के की जरूरत पड़ती है जो कि उन्हें बाहर से लेनी पड़ती है.
उन्होंने दावा किया कि पंजाब के और भी कई उद्योगपति उनके साथ है जोकि किसानों के द्वारा लगाए जाने वाली मक्के की फसल को MSP पर खरीदेंगे. हालांकि, उनके दावे पर कांग्रेस के ही पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि ये पार्टी लाइन से अलग हटकर राणा गुरजीत ने बात कही है और कांग्रेस पहले भी किसानों के साथ खड़ी है और किसानों के द्वारा इसी तरह से बड़े व्यापारियों के कॉन्ट्रैक्ट पर दो या तीन साल तक ही फसल MSP पर खरीदने का विरोध करती रही है.
विधायक गुरजीत ने क्या ऐलान किया?
कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वो दो साल तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्के की फसल खरीदेंगे. राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने ये फैसला पंजाब में गिरते भूजल स्तर की समस्या को देखते लिया है.
पंजाब के किसानों के लिए इस स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उनका कहना था कि पंजाब का कपास खेती क्षेत्र गुलाबी सुंडी के प्रकोप से तबाह हो रहा है. ऐसे में केवल दो प्रतिशत किसान ही कपास की बुवाई कर रहे हैं और धान का रकबा लगातार बढ़ रहा है. इसके चलते भूजल स्तर गिर रहा है.
विधायक गुरजीत सिंह मालवा के किसानों से बड़े पैमाने पर मक्का की बुवाई करने की अपील की और उन्हें आश्वासन दिया कि वे दो साल तक फसल को एमएसपी पर खरीदेंगे. आगे उन्होंने ये भी कहा कि एमएसपी देना सरकार का काम है, लेकिन वे किसानों की मदद करेंगे. राणा गुरजीत ने कहा कि उनके साथ और भी कई उद्योगपति शामिल है जो उनकी इस मुहिम का साथ देंगे. राणा गुरजीत पंजाब के बड़े राजनेता होने के साथ बड़े उद्योगपति हैं और उनकी एथेनॉल समेत अन्य कई प्रोडक्ट्स की फैक्ट्रियां हैं.
कांग्रेस पार्टी ने किया किनारा
हालांकि, राणा गुरजीत के इस बयान से पंजाब कांग्रेस ने अपने आप को अलग कर लिया है. पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि ये राणा गुरजीत की अपनी मुहिम हो सकती है, लेकिन कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और किसान भी इस तरह की कांट्रैक्ट फार्मिंग या दो से तीन साल तक ही फसलों को प्राइवेट सेक्टर द्वारा MSP पर खरीदने और बड़े उद्योगपतियों के इस क्षेत्र में उतरने का विरोध करते रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस आज भी किसानों के साथ है. राजा वडिंग ने कहा कि राणा गुरजीत या अन्य उद्योगपति दो से तीन साल तक तो किसानों की फसल खरीद लेंगे लेकिन उसके बाद किसानों को MSP कौन देगा. ऐसे में किसानो की फसलों की MSP पर खरीद की गारंटी का कानून बनना चाहिए और राणा गुरजीत ने ये जो बात कही है वो कांग्रेस की पार्टी लाइन से अलग है.
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